Two Lines Shayari In Hindi

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Two Line Shayari

Two Line Shayari Heart Touching

हैलो Friends , Two Lines Shayari In Hindi संदर्भ मे कहा जाये तो आज के इस बदलते दौर मे भी रिश्तों की बहुत अहमियत है खास करके मैं यहाँ पर आप से प्यार और मोहबत के बारे मे बता रहा हु। हर किसी का अपने प्यार का इजहार करने का अपना अपना अंदाज़ है । कोई लंबे चौड़े खत से अपने प्यार का इजहार करता है तो कोई दो शब्दों से । ठीक ऐसे ही आज मैं आपके लिए अपने प्यार को Two Line Shayari

मे अपने प्यार को कैसे बयां करते है Two Line Shayari के लिहाज से बताऊंगा

सामने मंजिल थी और दूसरी तरफ उसका वजूद ,

रुकते तो सफर रह जाता ,चलते तो हमसफर रह जाता ।

samne manjil thi aur dusri tarf uska vajood,

rukte to safar rah jaata,chalte to humshafar rah jaata.

अकेला ……..Two Lines Shayari In Hindi

न दुआ काम आई , न दवा काम आई ,

आखिर मे जाकर एक बेवफा काम आई ।

na Dua kaam aai , Na Dawa Kaam Aai,

Aakhir Me jakar ek Bewafa Kaam Aai.

bewafa Two Lines Shayari In Hindi

Ek Dard Mere Sine me hai…..

Ek Dard Tere Sine Me Hi….

Kabhi Maja Tere Hoto Ke Jaam Pine Me Hai

Kabhi Maja Dard E Jakhmo Ko Sine Me Hai.

माना की तुम चाँद हो और तुम्हारे चाहने वाले अहजारो है…

तुम क्या समझोगी सितारे की कमी को……

अक्सर ख्वोहिशों के लिए जिंदगी के रास्ते भटक जाते है ,

मंजिल भी मिलेगी ,अगर होश न गवा बैठे तो…

…ख़्वाहिश की शायरी ….अकेला

क्यों हुमसे धीरे धीरे दूर होते चले गए ,

इस कदर मजबूर होते चले गए

इश्क़ मे हमने कुछ इस कदर चोट खाई है ,

हपने ही हाथो अपनी कब्र बनाई है ,

Top Most Sad Two Lines Shayari हिन्दी मे

हम अपना होश गवा बैठे उनकी आँखों मे डूब कर …

नजाने वो अपने आंखो मे काजल किस तरह लगते होंगे …

…यकीन दिलाऊ तो कैसे दिलाऊ ,

न मेरी दिल की धड़कन रुकती है ,, और न ही तुम्हारी याद

आज बहुत खुश था मैं मगर….

वो आए हाल पूछने और बेहाल कर गए …

...गलत फहमी मे खो गया वो रिश्ता ,

वरना कुछ वादे अगले जन्म के भी थे ।

लिख दु तो ग़ज़ल तुम हो ,

सोच लू तो shayari तुम हो ।

मिल जाओ तो जन्नत तुम हो ,

चाहूँ तो मोहबत तुम हो।

तुहारी इश्क़ मे कुछ इस कदर डूब चुका हु ,धोका मत देना ॥

मजबूरी मे ही क्यो न दूर होना पड़े तो प्यार से दो बूंद जहर पीला देना

Two Lines Shayari
2 line shayari

कलेजा रह गया उस वक़्त फट कर,
कहा जब अलविदा उस ने पलट कर
तसल्ली किस तरह देता उसे मैं,
मैं ख़ुद ही रो पड़ा उस से लिपट कर
अकेला रह गया हूँ कारवां में,
कहाँ तक आ गई तादाद घट कर
ना कोई अक्स बाक़ी था ना सूरत,
रखा जो आईना मैं ने उलट कर…

लत तेरी लगी है तो नशा सरेआम होगा…

जब तलक इश्क़ करेंगे दिल में तेरा ही नाम होगा…!!

*तुम अच्छे हो -तो बेहतर; तुम बुरे हो- तो भी कबूल….*
*हम मिज़ाज-ऐ-इश्क़ में ऐब-ऐ-सनम नहीं देखा करते..*