Mirza Ghalib Shayari In Hindi | Top [60] Ghalib Sher

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Mirza Ghalib Shayari

Mirza Ghalib Shayari- Popular And Best Shayari Of Mirza Ghalib – [Hindi Shayari]

very Best and worldwide Popular Mirza Ghalib Shayari mirza ghalib is the king of urdu shayari.here you can read top most popular sad , romantic and emotional urdu poetry of mirza ghalib. 

Top Trending Mirza Ghalib Shayari In Hindi

दर्द हो दिल में तो दबा कीजिये 

दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजिये

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Shayari In Hindi-Khuda ki Kudrat

यूं तो हम हिज़र में भी दीवार -ओ -दर को देखते हैं 

कभी सबा को कभी नामाबर को देखते हैं 

वो आये घर में हमारे खुदा की कुदरत है 

कभी हम उन को कभी अपने घर को देखते हैं

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Ghalib Shayari In Hindi for your X love

आज फिर इस दिल में बेक़रारी है

सीना रोए ज़ख्म-ऐ-कारी है

फिर हुए नहीं गवाह-ऐ-इश्क़ तलब 

अश्क़-बारी का हुक्म ज़ारी है

बे-खुदा , बे-सबब नहीं , ग़ालिब

कुछ तो है जिससे पर्दादारी है

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shayari king Ghalib Shayari In Hindi for love

दुःख दे कर सवाल करते हो

तुम भी ग़ालिब कमल करते हो

देख कर पूछ लिया हाल मेरा

चलो कुछ तो ख्याल करते हो

शहर-ऐ-दिल में उदासियाँ कैसी 

यह भी मुझसे सवाल करते हो

मारना चाहे तो मर नहीं सकते

तुम भी जिन मुहाल करते हो

अब किस किस की मिसाल दू में तुम को

हर सितम बे-मिसाल करते हो

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Ghalib Shayari In Hindi of 2020 

तू तो वो जालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा न बन सका , ग़ालिब

और दिल वो काफिर, जो मुझ में रह कर भी तेरा हो गया

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Ghalib Shayari In Hindi-khwahish

हजारों ख्वाहिशें ऐसी की हर ख्वाहिश पे दम निकले

बहुत निकले मेरे अरमान , लेकिन फिर भी कम निकले

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Urdu Shayari In Hindi – deedaar

वो आये घर में हमारे , खुदा की कुदरत है

कभी हम उन्हें कभी अपने घर को देखते है

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Mirza Ghalib Best Shayari 

पीने दे शराब मस्जिद में बैठ के , ग़ालिब

या वो जगह बता जहाँ खुदा नहीं है

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Mirza Ghalib – yaad shayari

हुई मुद्दत के ग़ालिब मर गया, पर याद आती है

जो हर एक बात पे कहना की यूं होता तो क्या होता

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Mirza Ghalib – Ishq Shayari

इश्क़ पर जोर नहीं , यह तो वो आतिश है, ग़ालिब

के लगाये न लगे और बुझाए न बुझे

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Mirza Ghalib – zulf shayari

आह को चाहिए एक उम्र असर होने तक

कौन जीता है तेरी जुलफ के सर होने तक

हमने माना की तग़ाफ़ुल न करेंगे लेकिन

खाक हो जायगे हम तुम्हे खबर होने तक

आशिक़ी सब्र -तलब और तमना बेताब

दिल का क्या रंग करू, खून-ऐ-जिगर होने तक

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Mirza Ghalib Nikamma Shayari

इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया

वरना हम भी आदमी थे काम के

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Mirza Ghalib -Aaina Shayari

उम्र भर हम भी गलती करते रहे ग़ालिब

धुल चेहरे पे थी और हम आईना साफ़ करते रहे

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Mirza Ghalib – Bimaar Shayari

उनके देखने से जो आ जाती है चेहरे पे रौनक

वो समझते है के बीमार का हाल अच्छा है

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Mirza Ghalib – naseeb

हाथों की लकीरो पे मत जा ग़ालिब

नसीब उनके भी होते है जिनके हाथ नहीं होते

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Mirza Ghalib Jindagani shayari

कोई दिन गर ज़िंदगानी और है 

अपने जी में हमने ठानी और है 

आतिश -ऐ -दोज़ख में ये गर्मी कहाँ 

सोज़-ऐ -गम है निहानी और है

बारह देखीं हैं उन की रंजिशें , 

पर कुछ अब के सरगिरानी और है 

देके खत मुँह देखता है नामाबर ,

कुछ तो पैगाम -ऐ -ज़बानी और है 

हो चुकीं ‘ग़ालिब’ बलायें सब तमाम ,

एक मर्ग -ऐ -नागहानी और है .

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Mirza Ghalib Mehfil Shayari

गैर ले महफ़िल में बोसे जाम के 

हम रहें यूँ तश्ना-ऐ-लब पैगाम के 

खत लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो 

हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के 

इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया 

वरना हम भी आदमी थे काम के

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Mirza Ghalib Shayari In Hindi – Haseen

चंद तस्वीर-ऐ-बुताँ , चंद हसीनों के खतूत .

बाद मरने के मेरे घर से यह सामान निकला

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Mirza Ghalib dil shayari hindi mai

दिया है दिल अगर उस को , बशर है क्या कहिये 

हुआ रक़ीब तो वो , नामाबर है , क्या कहिये

यह ज़िद की आज न आये और आये बिन न रहे 

काजा से शिकवा हमें किस क़दर है , क्या कहिये

ज़ाहे -करिश्मा के यूँ दे रखा है हमको फरेब 

की बिन कहे ही उन्हें सब खबर है , क्या कहिये

समझ के करते हैं बाजार में वो पुर्सिश -ऐ -हाल 

की यह कहे की सर -ऐ -रहगुज़र है , क्या कहिये

तुम्हें नहीं है सर-ऐ-रिश्ता-ऐ-वफ़ा का ख्याल 

हमारे हाथ में कुछ है , मगर है क्या कहिये

कहा है किस ने की “ग़ालिब ” बुरा नहीं लेकिन 

सिवाय इसके की आशुफ़्तासार है क्या कहिये

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Ghalib Shayari In Hindi Best Of 1860

मैं उन्हें छेड़ूँ और कुछ न कहें 

चल निकलते जो में पिए होते 

क़हर हो या भला हो , जो कुछ हो 

काश के तुम मेरे लिए होते 

मेरी किस्मत में ग़म गर इतना था 

दिल भी या रब कई दिए होते 

आ ही जाता वो राह पर ‘ग़ालिब ’

कोई दिन और भी जिए होते

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Ghalib Shayari In Hindi- Dil E Gham

फिर तेरे कूचे को जाता है ख्याल 

दिल -ऐ -ग़म गुस्ताख़ मगर याद आया 

कोई वीरानी सी वीरानी है 

दश्त को देख के घर याद आया

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Mirza Ghalib sadgi shayari Urdu..Hindi..

सादगी पर उस के मर जाने की  हसरत दिल में है 

बस नहीं चलता की फिर खंजर काफ-ऐ-क़ातिल में है 

देखना तक़रीर के लज़्ज़त की जो उसने कहा 

मैंने यह जाना की गोया यह भी मेरे दिल में है

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 Ghalib Shayari In Hindi- Imtihaan

मेह वो क्यों बहुत पीते बज़्म-ऐ-ग़ैर में या रब 

आज ही हुआ मंज़ूर उन को इम्तिहान अपना 

मँज़र इक बुलंदी पर और हम बना सकते “ग़ालिब”

अर्श से इधर होता काश के माकन अपना

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Mirza Ghalib Talash shayari

मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब 

यह न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी बेवफा हो जाएगी

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 Ghalib Shayari In Hindi True Love 

तोड़ा कुछ इस अदा से तालुक़ उस ने ग़ालिब 

के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे

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 Ghalib Shayari In Hindi Ishq

बे-वजह नहीं रोता इश्क़ में कोई ग़ालिब 

जिसे खुद से बढ़ कर चाहो वो रूलाता ज़रूर है

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Mirza Ghalib Jawab Shayari

क़ासिद के आते -आते खत एक और लिख रखूँ 

मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में

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Ghalib Shayari In Hindi-Jannat

हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन 

दिल के खुश रखने को “ग़ालिब” यह ख्याल अच्छा है

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Ghalib Shayari In Hindi-urdu

फिर उसी बेवफा पे मरते हैं 

फिर वही ज़िन्दगी हमारी है 

बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’

कुछ तो है जिस की पर्दादारी है

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Ghalib Shero Shayari 

बाजीचा-ऐ-अतफाल है दुनिया मेरे आगे 

होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे

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Mirza Ghalib Shayari  Ustaad

सबने पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास 

जिस कदर लोग थे बारिश में नहाने वाले 

अदल के तुम न हमे आस दिलाओ 

क़त्ल हो जाते हैं , ज़ंज़ीर हिलाने वाले