Bewafa Tu Meri Jaan Hai | Hindi Shayari | Bewafa

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Bewafa Tu Meri Jaan

Bewafa Tu Meri Jaan Hai-Extra Ordinary Hindi Shayari-Bewafa

Bewafa Tu Meri Jaan Hai-ek jhalak dikhla ja 

बेवफा तू मेरी जान है क्यो न एक झलक दिखलाजा ,

सनम तुझे है मेरी कसम जुदाई का गम मिटा जा ,

मैं तड़पने को मजबूर हूँ यहाँ …..

जीतने भी गिले शिकवे है , 

आकर  करीब हटा जा । 

करीब आना चाहता हूँ  

तू बेवफा है ये सोच कर घबरा जाता हूँ मैं ,

न जाने क्यो तेरे करीब आना चाहता हूँ मैं ,

चुप चाप दिल को 

चुप चाप दिल को  यूं ही समझा लेता हूँ ,

बार बार अपने दिल को खुद ही आज़मा लेता हूँ ,

तुम पास होकर भी-बेवफा 

तुम पास होकर भी अपने न हो सके ,

हम तुम्हें भूल कर भी भुला न सके ,

बेवफा तुम हो या फिर हम ,

तुम्हें पा कर भी पा न सके और 

तुम हमे आजमाते रहे । 

तेरे गम के खजाने मे 

मेरे गम के खजाने मे सिर्फ तू ही तू है 

मेरे ख्वाबों ख़यालों मे सिर्फ तू ही तू है ,

दर्द जितना भी है कम है ,फिर भी 

मेरे आरज़ू और जुस्तज़ू मे सिर्फ तू ही तू है ,

तेरा चेहरा – bewafa hindi shayari 

ऐ दिल किसे ढुड रहा है ,

दिल मे सिर्फ बेवफा हसीन तेरा चेहरा ,

क्यो अंजान हो रही है ये शाम ,

आज भी दिल को तेरा इंतिज़ार है ।

तेरा साथ होता 

कहीं थोड़ी दूर सफर और तेरा साथ होता ,

बेजान जिंदगी मे जरा तेरा साथ होता ,

बेवफा निकली तूँ , क्यो 

ख़्वाहिश थी मेरी – एक हसीन शाम 

बेवफा तेरा साथ होता । 

दिल खाली था 

तुम खुद चल कर मेरे पास आए हो,

तुम मेरी आँखों मे खुद सपने सजाये हो ,

दर दर भटकते थे पहले हम ,

दिल खाली था ,इसको घर तुम बनाए हो ,

सपने बेवफा के 

नयनों मे सपने बेवफा के ,

किसी और का हाथ कैसे थामे ,

दिल मे दर्द बेवफा के ,

किसी और का साथ कैसे मांगे । 

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